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दिल्ली की हवा और यमुना की हालत सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सुधार नहीं होने पर संसद की स्थायी समिति ने गंभीर चिंता जताई है। समिति ने कहा कि दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी होने का दुर्भाग्यपूर्ण दर्जा रखती है, जबकि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद प्रदूषित यमुना में भी ठोस सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।
साबरमती की तर्ज पर विकसित होगा यमुना रिवरफ्रंट
दिल्ली सरकार यमुना नदी के किनारे को गुजरात के साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी कर रही है। गुजरात के अध्ययन दौरे पर पहुंचे जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने दिल्ली सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (आईएंडएफसी) और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ साबरमती रिवरफ्रंट का निरीक्षण किया।
जल मंत्री का कहना है कि करीब 25-30 वर्ष पहले साबरमती भी उन समस्याओं से जूझ रही थी, जिनका सामना आज यमुना कर रही है। सरकार साबरमती मॉडल का अध्ययन कर रही है और दिल्ली की जरूरतों के अनुसार उसकी बेहतर व्यवस्थाओं को अपनाया जाएगा। मंत्री ने कहा कि यमुना किनारे बड़े और सुंदर पार्क, साइकिल ट्रैक और खेल मैदान विकसित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य विश्वस्तरीय यमुना रिवरफ्रंट तैयार करना है।