सोशल मीडिया पर पत्रकार रविश कुमार का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें उन्हें कतिथ तौर पर झारखंड में चल रहे प्रोटेस्ट को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की गैर-मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े करते हुए देखा जा सकता है.
वीडियो में रविश कुमार क्या कहते हैं ? वीडियो के शुरुआत में रविश कुमार कहते दिख रहे हैं कि, "नमस्कार मैं रवीश कुमार जो बीजेपी नेता जंतर मंतर पर छात्रों के लिए अपनी जान देने की बड़ी बड़ी बाते कर रहे थे उन्ही नेताओं को झारखंड का नाम सुनकर टाइफाइड हो गया है. किसी को बुखार तो किसी को थकान और जैसे ही महाराष्ट्र जाना हो तो सब ठीक थकान और बुखार सिर्फ झारखंड के लिए आइए आपको दिखाते है की कैसे जब सियासत करवट लेती है. तो मूवमेंट की कलाई खुलने लगती है जो अभिजीत दीप के जंतर मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कम में मानने को तैयार नहीं थे. वो देखिए झारखंड का नाम सुनकर क्या कह रहे हैं."
( ऐसे ही दावा करने वाली अन्य पोस्ट के आर्काइव आप यहां और यहां देख सकते हैं. )
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
यह वीडियो असली नहीं है, बल्कि इसमें AI की मदद से छेड़छाड़ की गई है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? सबसे पहले हमने रविश कुमार के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर सोशल मीडिया अकाउंट्स चेक किए. हमारी सर्च में हमें रविश कुमार के सोशल मीडिया अकाउंट्स और चैनल पर रविश कुमार का यह वीडियो नहीं मिला.
वायरल वीडियो पर गूगल लेंस की मदद से इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल करने पर हमें रवीश कुमार के ऑफ़िशियल YouTube चैनल पर यह वीडियो मिला, जिसे 29 जुलाई को अपलोड किया गया था.
इस वीडियो का टाइटल था, “अमित शाह को राहुल गांधी ने घेरा, इस्तीफे की मांग, क्या शाह जवाब देंगे?”
इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा था, “अमित शाह को राहुल गांधी ने मुद्दा बना लिया है। दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर राहुल गांधी लगातार अमित शाह से सवाल पूछ रहे हैं। उन्हें पत्र लिख रहे हैं मगर जवाब नहीं मिल रहा है। जिस तरह से राहुल गांधी अमित शाह से जवाब मांग रहे हैें उससे लग रहा है कि यह लड़ाई किसी और दिशा में जा रही है। बीजेपी के प्रवक्ता, मोदी सरकार के दूसरे मंत्री अमित शाह के बदले जवाब मांग रहे हैं। अमित शाह क्यों नहीं राहुल का सामना कर पा रहे हैं?"
इस पूरे वीडियो को ध्यान से सुनने पर हमें पूरे वीडियो में कहीं भी वायरल क्लिप वाला हिस्सा नहीं मिला.
हमने वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए पत्रकार रविश कुमार से भी संपर्क किया और इस वीडियो के बारे में जानकारी मांगी, रविश कुमार ने हमें बताया कि, "यह वीडियो AI और जानबूझ कर बनाया गया है, उन्होंने इस तरह का कोई वीडियो अपलोड नहीं किया है, यह वीडियो कहां से अपलोड किया गया है इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है."
रविश कुमार के बयान के मुताबिक हमने इस वीडियो का AI से बने कॉन्टेंट की पहचान करने वाले टूल Hive Moderation पर चेक किया, जहां इस वीडियो के ऑडियो के AI से बने होने की 96 प्रतिशत संभावना जताई गई.
इसके सिवा हमने इस वीडियो को AI से बने कॉन्टेंट की पहचान करने वाले टूल्स Deepfake-O-Meter पर चेक किया, जहां इस वीडियो के AI से बने होने की 99 प्रतिशत संभावना जताई गई.
निष्कर्ष: रविश कुमार के AI से बने वीडियो को से असली बताकर CJP और झारखंड प्रोटेस्ट से जोड़कर भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)