Bandar OTT Release In Trouble: थिएटर के बाद ओटीटी पर आने से पहले अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म ‘बंदर’ कानूनी विवाद में फंस गई है। करण ओबेरॉय रेप केस की एक शिकायतकर्ता ने इस फिल्म के मेकर्स के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जानिए, क्या है यह पूरा मामला?
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अनुराग कश्यप अक्सर अपने बयानों को लेकर विवाद में फंसते हैं पर इस बार वह अपनी फिल्म ‘बंदर’ को लेकर मुश्किल में फंस गए हैं। दरअसल फिल्म ‘बंदर’ को लेकर अब एक कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। अभिनेता करण ओबेरॉय रेप केस की शिकायतकर्ता ने इस फिल्म की ओटीटी रिलीज पर रोक लगाने और मुआवजे की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
क्या है शिकायतकर्ता का आरोप?
शिकायतकर्ता की वकील मंशा भाटिया का आरोप है कि ‘बंदर’ की कहानी उनके मुवक्किल द्वारा करण ओबेरॉय के खिलाफ दर्ज कराए गए रेप केस से काफी मिलती-जुलती है। उनका दावा है कि फिल्म में केस से जुड़े कई ऐसे तथ्य और बचाव के तर्क दिखाए गए हैं, जो उनके मुताबिक उसी मामले से जुड़े हैं। मंशा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा…
फिल्म ‘बंदर’ को लेकर क्या है आपत्ति?
वकील मंशा भाटिया का दावा है कि फिल्म में जिस तरह से कहानी और किरदारों को पेश किया गया है, वह भी उनके मुवक्किल के मामले से काफी मिलता है।
उन्होंने आगे कहा, ‘इसके बाद जब हमने और जानकारी जुटाई तो हमें पता चला कि ‘बंदर’ एक दूसरी डॉक्यूमेंट्री ‘इंडियाज सन्स’ से भी जुड़ी हुई है, जिसमें करण ओबेरॉय और पूजा बेदी भी नजर आए थे। फिल्म में किरदारों को जिस तरह से दिखाया गया है, वह भी काफी अहम है। यह वही बचाव हैं, जो करण ओबेरॉय ने मेरे क्लाइंट के मामले में लिए थे।’
क्यों की ओटीटी रिलीज पर रोक की मांग?
क्या शिकायतकर्ता महिला से अनुमति लिए बिना फिल्म बनी?
वकील का यह भी आरोप है कि फिल्म बनाने से पहले उनकी मुवक्किल से किसी तरह की अनुमति या सहमति नहीं ली गई। वह कहती हैं, ‘मेरी क्लाइंट से किसी ने बात नहीं की। न उनकी सहमति ली गई और न ही उन्हें अप्रोच किया गया। ऐसा नहीं है कि हम अपनी क्लाइंट की जिंदगी पर फिल्म बनाने की अनुमति देने वाले थे, लेकिन जिस तरह से उन्हें फिल्म में पेश किया गया है, वह बहुत खराब है। हमें इसके बारे में हाल ही में पता चला। उसके बाद हमने कानूनी नोटिस भेजे।’